क्या रोजाना बच्चों को दूध देना सही है? जानें समय और मात्रा

सर्दियों में बच्चों को दूध पिलाना आम है, लेकिन क्या हर बच्चे को रोज़ दूध पीना चाहिए?

ग्रोइंग स्टेज में बच्चों की मांसपेशियों, हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए दूध बहुत ज़रूरी है.

हर बच्चे की पाचन शक्ति अलग होती है. दूध को पचाने में कम से कम 2-3 घंटे लगते हैं.

बच्चों को बार-बार खांसी होने, पेट फूलने या गैस बनने पर दूध नहीं देना चाहिए.

अगर पेट खराब है तो ज़बरदस्ती दूध न पिलाएं. ऐसी स्थिति में पाचन तंत्र और कमज़ोर हो सकता है.

ठंडे दूध की तुलना में गर्म दूध पीने से पेट में गैस और फूलने की परेशानी कम होती है.

रात के समय दूध देने से बचें. शारीरिक गतिविधि न होने से दूध पचाने में परेशानी हो सकती है.

बच्चों को कभी भी सादा या खाली दूध न दें. दूध में केसर, हल्दी या सौंठ (सूखा अदरक) मिलाकर दें.

हल्दी या सौंठ मिलाने से दूध औषधीय और पचने में आसान हो जाता है और कफ नियंत्रित होता है.

सही दूध, सही मात्रा और सही समय पर पीने से ही सच्चा पोषण मिलता है. बच्चे की सेहत देखकर ही निर्णय लें.