क्या मुगल सम्राट ने हिंदू ज्योतिषियों से पूछ कर तय की थी अपने बेटे की शादी? जानें सच्चाई

क्या कोई मुस्लिम सम्राट हिंदू पंडितों से शादी का मुहूर्त पूछ सकता है? सुनने में ये अजीब लग सकता है लेकिन सच यही है कि एक मुगल शासक इतिहास में ऐसा भी हुआ, जिसे भारतीय ज्योतिष पर अटूट विश्वास था और वह सम्राट था 'अकबर द ग्रेट'.

अकबर ने न केवल अपने पुत्र सलीम (जहांगीर) की कुंडली सात ज्योतिषियों से बनवाई थी, बल्कि विवाह की तिथि भी हिंदू पंचांग देखकर तय की थी. 

कैसे अकबर ने धर्म की दीवारों को पार कर ‘ग्रहों’ की चाल से राजनीति को दिशा दी, और यह प्रसंग आज की दुनिया में क्यों प्रासंगिक है जानते हैं. 

दरअसल, मुगल सम्राट अकबर ने अपने पुत्र सलीम की शादी के लिए हिंदू ज्योतिषियों से परामर्श लिया. एक मुगल शासक द्वारा हिंदू पद्धति से मुहूर्त निकलवाना सिर्फ धार्मिक सहिष्णुता नहीं, बल्कि ज्ञान के प्रति श्रद्धा का प्रमाण था.

Wheeler M. Thackston ने Jahangirnama का अनुवाद करते हुए वे लिखते हैं कि जब सलीम का जन्म हुआ, तब अकबर ने उसकी जन्मपत्रिका यानि कुंडली बनाने के लिए सात ज्योतिषियों को आमंत्रित किया गया था. इनमें से कुछ हिंदू पंचांग और कुछ यूनानी खगोलशास्त्र के विशेषज्ञ थे.

तुजुक-ए-जहांगीरी (जहांगीरनामा) मुगल सम्राट जहांगीर की आत्मकथा है. यह फारसी में लिखी गई है. यह आत्मकथा साहित्य का एक अनूठा नमूना भी मानी जाती है. 

इसका अंग्रेजी में अनुवाद करते हुए Wheeler M. Thackston लिखते हैं- 'When I was born, astrologers, both Hindu and Muslim cast my horoscope...' 

जहांगीर लिखता है कि जब मेरा जन्म हुआ तो हिन्दू और मुस्लिम दोनों ज्योतिषियों ने मेरी कुंडली बनाई.

जहांगीर की शादी का शुभ दिन भी इन्हीं हिंदू ज्योतिषियों की गणना के आधार पर तय हुआ था. यह अकबर के उस विश्वास का उदाहरण है कि राजकीय कार्यों में समय का चुनाव ग्रहों के अनुसार होना चाहिए.