क्या आप जानते हैं तिरंगे को फोल्ड करने का सही तरीका? भूलकर भी न करें अपमान
तिरंगा फोल्ड करने में हमें तीसरे रंग की मर्यादा का पूरा ध्यान रखना होता है. भारत का ध्वज कभी जमीन या पानी से न छूए — यह कानूनन के सख्त नियम है.
पहला कदम साफ सतह पर तिरंगा पूरी तरह फैलाकर रखें, ताकी ऊपर से नीचे तक केवल तिरंगे का ही हिस्सा दिखाई दे.
अब लंबवत (lengthwise) फोल्ड करें – सबसे पहले केसरिया और सफेद के ऊपर हरा भाग लाएं, जिससे तीन रंग सिलवट में ठीक रहें.
फिर से लंबवत फोल्ड करें ताकि एक लंबा संकीर्ण स्ट्रिप (पट्टा) बने जिसमे तिरंगा साफ दिखाई दे.
अब उस स्ट्रिप को त्रिकोण के आकार में मोड़ना शुरू करें ताकि तीनों रंगों की संरचना समान बनी रहे, साथ ही अशोक चक्र अच्छे से दिखाई दे.
त्रिकोण बनाते समय धीरज से काम लें और आकृति साफ रखें, ताकि सैफ्रोन, सफेद, हरा—और बीच में अशोक चक्र—श्रद्धापूर्वक दिखाई दे सके.
फोल्डिंग पूरी होने पर त्रिकोणीय तिरंगे को एक सुरक्षित, साफ़ और सम्मानजनक स्थान पर रखें. अलमारी या किसी उत्कृष्ट स्थान पर न रखे.
यदि तिरंगा क्षतिग्रस्त या मैला हो गया है, तो उसे खुले में नहीं फेंकना चाहिए. इसे सम्मानपूर्वक निजी रूप से जलाना या किसी गरिमापूर्ण तरीके से नष्ट करना चाहिए.
याद रखिए, तिरंगा हमारी पहचान और गौरव का प्रतीक है.सही तरीके से फोल्ड करके और सम्मानपूर्वक रखकर, हम उसकी गरिमा बनाए रखने में योगदान देते हैं.