सेहत का असली खजाना है पुराना चावल, जानिए वैज्ञानिक कारण
कम से कम 1 साल पुराना चावल की प्रकृति शरीर के लिए अधिक अनुकूल हो जाती है.
पुराने चावल में नमी कम होती है, इसलिए हल्का लगता है, गैस और अपच कम करता है.
पुराना चावल अच्छी तरह पकता है, पुलाव, खिचड़ी और सादा चावल, हर रूप में परफेक्ट.
आयुर्वेद इसे लघु (हल्का) और स्निग्ध (चिकना) मानता है, यह वात-पित्त दोष को संतुलित करता है.
पुराना चावल पाचन सुधरता है, जिससे कब्ज की समस्या कम होती है.
नए चावल में नमी अधिक होने के कारण गर्मियों और बरसात में फंगल संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है.
नया चावल ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाता है, इसलिए डायबिटीज मरीजों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए.
नया चावल कार्बोहाइड्रेट-रिच है. ज्यादा खाने से कैलोरी बढ़ती हैं और मोटापा बढ़ सकता है.
पुराना चावल शरीर के लिए बेहद लाभकारी है. यदि इसका सेवन सलाह के अनुसार किया जाए.