फेस रोलर से मिलेगा मॉडल जैसा चेहरा? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें कड़वा सच
जेड रोलर और ग्वाशा जैसे टूल्स चेहरे को स्लिम या मॉडल जैसा लिफ्टेड लुक देने का दावा करते हैं, लेकिन डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार ये सिर्फ मार्केटिंग के दावे हैं.
फेस रोलर चलाने से चेहरे की चर्बी पिघल जाएगी और स्लिम लुक मिलेगा, तो यह महज एक कल्पना है. रोलर से फैट कभी कम नहीं होता.
फेस रोलर से हल्की मसाज करने पर त्वचा के नीचे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है. इससे चेहरे पर कुछ देर के लिए प्राकृतिक ग्लो और फ्रेशनेस दिखाई देती है.
सुबह उठने पर अगर चेहरा फूला हुआ लगता है, तो रोलर से मसाज करने पर एक्स्ट्रा फ्लूइड बाहर निकल जाता है. इससे पफीनेस कम होती है, पर यह पर्मानेंट इलाज नहीं है.
झुर्रियां कोलाजन की कमी से आती हैं. फेस रोलर कोलाजन नहीं बढ़ाते, इसलिए इन्हें एंटी-एजिंग का असरदार तरीका मानना बिल्कुल गलत है.
रोलर से सीरम पूरे चेहरे पर बराबर फैलता है और हाथों में बर्बाद नहीं होता, लेकिन रोलर में ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो सीरम को स्किन की भीतरी परत तक भेज सके.
इसे फ्रिज में ठंडा करके इस्तेमाल करने से चेहरे की रेडनेस, तनाव और फेशियल मसल्स की थकान में तुरंत आराम मिलता है.
चेहरा साफ करके सीरम या ऑयल लगाएं. हमेशा गर्दन से ऊपर की ओर और चेहरे के बीच से बाहर (कानों की तरफ) हल्के हाथों से रोलर चलाएं.
फेस रोलर केवल रिलैक्सेशन और टाइमपास मसाज के लिए अच्छे हैं. पिगमेंटेशन, एक्ने या रिंकल्स जैसी समस्याओं के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह ही कारगर है.