सिर्फ कुछ दिन बाकी, नोट कर लें गणपति स्थापना की सही विधि और शुभ मुहूर्त

भगवान गणेश का जन्मोत्सव, जिसे गणेश चतुर्थी कहा जाता है, भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है.

इस बार यह त्यौहार 27 अगस्त, बुधवार से शुरू होकर 6 सितंबर को गणेश विसर्जन के साथ समाप्त होगा.

सबसे पहले भगवान गणेश की प्रतिमा का आवाहन कर प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है.

पुष्प अर्पण, चरण धोवन, आचमन, जल व पंचामृत स्नान कराया जाता है.

दही, घी, शहद, शक्कर और सुगंधित द्रव्यों से स्नान कराया जाता है.

स्नान के बाद गणेश जी को वस्त्र, यज्ञोपवीत, सुगंधित द्रव्य, अक्षत, पुष्पमाला, शमीपत्र और दूर्वा अर्पित की जाती है.

पूजा में सिंदूर, धूप, दीप, नैवेद्य, चंदन युक्त जल, पान और सुपारी का विशेष महत्व है.

इसके बार रोजाना नित्य पूजा होती है. सुबह-शाम आरती की जाती है.

इस बार अनंत चतुर्दशी यानी 6 सितंबर को गणेश विसर्जन के साथ गणेश उत्सव का समापन होगा.