क्या ग्रीन पटाखे सच में पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं?
दिवाली के त्योहार पर पटाखों की खरीद और जलाने को लेकर हमेशा से ही पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहती है
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में विशेष अनुमति देते हुए केवल ग्रीन पटाखों को जलाने की इजाजत दी है
ग्रीन पटाखे को इको-फ्रेंडली पटाखे भी कहा जाता है. इन्हें CSIR-NEERI ने विकसित किया है. इन पटाखों में पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया जाता हैं
ग्रीन पटाखे 30 सेकंड से अधिक समय तक नहीं जलते, इसलिए ये बच्चों और घर में उपयोग के लिए भी सुरक्षित माने जाते हैं
ग्रीन पटाखों की पहचान करना भी आसान है. इनके पैकेट पर CSIR-NEERI का लोगो छपा होता है. यदि पैकेट पर यह लोगो नहीं है, तो वह पटाखा खरीदने के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता हैं
इसके अलावा, इन पैकेटों में प्रदूषण कम करने वाले तत्वों और सुरक्षित जलने की जानकारी भी दी जाती है
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर घर में इस दिवाली ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल किया जाए तो न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी