आपने कभी सोचा है लंगड़ा आम को यह नाम कैसे मिला? बेहद दिलचस्प है कहानी
बहुत सारे लोगों का फेवरेट फल आम है. अपने देश में करीब 1500 तरह की प्रजातियों के आम उगाए जाते हैं. यहां से दुनियाभर के कई देशों को आम भेजे जाते हैं.
आम के सीजन में जब हम बाजार में जाते हैं तो कई वैरायटी के आम दुकानों पर बिक रहे होते हैं, जिनमें से "लंगड़ा आम" वैरायटी काफी ज्यादा फेमस है. देशभर में इस किस्म के आम की काफी ज्यादा डिमांड है.
लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इसका नाम थोड़ा अजीब है? आखिर क्यों इस आम को "लंगड़ा आम" कहा जाता है? दरअसल, इसके पीछे एक कहानी है. आइए जानते हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दावा किया जाता है कि लंगड़ा आम का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से है. यहां इसे यह नाम मिला.
कहा जाता है कि वाराणसी में एक पैर से विकलांग शख्स रहता था. उसके घर के आंगन में आम पेड़ लगा था.
उस शख्स के घर के आंगन में लगे आम का स्वाद और खुशबू काफी अलग था. जब लोगों ने उसका स्वाद चखा तो उसे लंगड़ा आम नाम दिया गया.
लंगड़ा आम के पीछे की कहानी का कोई वैज्ञानिक कनेक्शन नहीं है. लंगड़ा आम का छिलका पतला और हरा होता है.
चौसा की तरह लंगड़ा आम रशेदार नहीं होता लेकिन मुलायम और मीठा होता है. इसकी सुगंध बहुत तेज होती है.
लंगड़ा आम उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा उत्तराखंड में भी उगता है. हालांकि उत्तर प्रदेश और बिहार में इसे अधिक खाया जाता है.