क्या आपने देखा ? बिना पानी के 3 हजार साल तक जिंदा रहने वाला पौधा
धरती पर एक ऐसा पौधा है, जो हजारों साल तक बिना पानी के जिंदा रहता है. इसका नाम है- वेलविचिया, जो दुनिया के सबसे बंजर नामीब रेगिस्तान में हजारों साल तक जिंदा रहता है.
अफ्रीका में इसे दो पत्तियों वाला अमर पौधा कहा जाता है. इस नाम के पीछे पौधे के खास डिजाइन है. यह पौधा पूरे जीवन में सिर्फ दो पत्तियां उगाता है.
नामीब रेगिस्तान में सालाना 2 इंच से भी कम बारिश होती है, फिर भी ये पौधे 3,000 साल तक जीते हैं.
वैज्ञानिकों ने इसके जीनोम की स्टडी की है. उनका मानना है कि करीब 8.6 करोड़ साल पहले, जब धरती पर सबसे बड़ा सूखा पड़ा तो इन पौधों के जीनोम ने परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल लिया. इसके चलते यह काफी मजबूत बन गया.
वेलविचिया का नाम ऑस्ट्रियाई वनस्पतिशास्त्री फ्रेडरिक वेलविच के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इसे 1859 में अंगोला में खोजा था.
अफ्रीकांस भाषा में इसे ‘ट्वीब्लाअरकन्नीडूड’ (tweeblaarkanniedood) कहते हैं, जिसका सीधा सा अर्थ है “दो पत्तियां जो मर नहीं सकतीं”.
यह नाम इस पौधे के लिए बिल्कुल सटीक है, क्योंकि यह अपने पूरे जीवनकाल में सिर्फ दो पत्तियां ही उगाता है और हजारों सालों तक दुनिया के सबसे पुराने रेगिस्तान में जीवित रहता है.
बता दें कि नामीब रेगिस्तान के कुछ हिस्सों में सालाना दो इंच से भी कम बारिश होती है. इसके बावजूद वेलविचिया नाम का यह पौधा हजारों साल तक जीता है. ऐसा लगता है मानो यह अमर पौधा हो.
लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है कि इतने कम पानी में भी यह जीवित रहता है? तो बता दें कि सारा क्रेडिट इसके बेहद “कुशल और कम लागत वाले जीनोम” को जाता है.
यह दिखने में शायद बहुत खूबसूरत न लगे, लेकिन इसकी दो रेशेदार पत्तियां समय के साथ फटकर मुड़ जाती हैं. वेलविचिया की मुश्किलों में टिके रहने की क्षमता ने वैज्ञानिकों को हमेशा चौंकाया है.
इस पौधे के दुनिया के कुछ सबसे पुराने नमूने 3,000 साल पहले के हैं, जो लौह युग की शुरुआत से जुड़े हैं और ज़्यादातर पौधे 1,000 साल से भी ज़्यादा जीते हैं.