गंगा-यमुना के जल पर था अटूट विश्वास, नहीं खाता था नॉनवेज, कौन था वो मुगल बादशाह
मुगल शासकों में से एक शासक जो पूरी तरह शाकाहारी था, जिसकी जीवनशैली आस्था और सादगी से जुड़ी हुई थी. जिसने नॉनवेज छोड़ साधारण भोजन अपनाया और गंगा-यमुना के जल को जीवन का अमृत माना.
अकबर को भारतीय भोजन बहुत प्रिय था, इसलिए वे सप्ताह में तीन दिन केवल शाकाहारी भोजन करते थे. अपने जीवन के अंतिम वर्षों में उन्होंने शराब पूरी तरह त्याग दी थी.
शरीर को शुद्ध रखने और हर बीमारी से दूर रहने के लिए वे सिर्फ गंगाजल पीते थे.
भोजन बन जाता था तो उनके भोजन को सबसे पहले भरोसेमंद अधिकारी उसे चखकर फिर सील करके सेना की निगरानी में भोजन कक्ष में भेजा जाता था.
पद के हिसाब से शासक को कितने प्रकार के भोजन परोसे जाएंगे ये नियम था.
हिमालय से बर्फ मंगाकर पीना वाले पानी को ठंडा किया जाता था.
शाहजहां को मसालों का स्वाद, खासतौर पर आम बहुत पसंद था, यमुना जल में उनका खाना बनाया जाता था.
बाबर को भारत के ताजे और खारे पानी की मछलियों को पसंद थी, वहीं हुमायूं को खिचड़ी बेहद पसंद थी.
औरंगजेब धार्मिक प्रवृत्ति के थे और जीवन का अधिकांश समय शाकाहारी रहे. उन्हें कुबूली नामक बिरयानी, जो चने, खुबानी, तुलसी और बादाम से बनती थी बेहद पसंद थी.उनकी सादगी भरी खानपान ने मुगल परंपरा में एक अनोखा स्थान बनाया.