यहां जेल से भागने पर नहीं दी जाती कैदी को सजा.जानें

सऊदी अरब, ईरान, इराक, कतर और UAE, ये मिडिल ईस्ट के वो देश है जहां कानून और सजा दोनों ही सख्त मानी जाती है.

यहां शरिया कानून लागू है जिसमें न्याय और अनुशासन को ही सर्वोच्च माना जाता है और अपराध के लिए कठोर दंड तय किए गए है.

मिडिल ईस्ट के देशों में जेल से कैदी का भागना एक गंभीर अपराध है लेकिन जर्मनी के लिए यह गंभीर अपराध नहीं है.

जर्मनी में जेल से कैदी के भागने को अपराध नहीं माना जाता है. यहां का लीगल सिस्टम मानता है कि कैद से भागने की इच्छा एक मानवीय प्रवृत्ति है.

जर्मन पीनल कोड कहता है कि हर व्यक्ति की स्वतंत्र रहने की इच्छा स्वाभाविक है. यह इंसानों का व्यवहार है न कि वह अपराध कर रहा है.

जर्मन का लीगल सिस्टम कहता है कि अगर कोई कैदी जेल से भागता है और वह पकड़ लिया जाता है तो उसे वापस जेल भेजा जाएगा ताकि वो अपनी सजा को पूरा कर सके.

अगर कैदी जेल से भागने के दौरान किसी तरह की हिंसा करता है, वहां मौजूद किसी शख्स या गार्ड पर हमला करता है या फिर सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उसे सजा दी जाती है.

यहां हर कैदी को अलग कमरा दिया जाता है, जिसमें बिस्तर, कपड़ों को रखने की जगह, शीशा, अलग टॉयलेट, साबुन-टूथब्रश जैसे बेसिक समान दिए जाते हैं.

कैदियों की सेहत का ध्यान रखने के लिए डॉक्टर, नर्स और मनोवैज्ञानिकों की ड्यूटी जर्मनी की हर जेलों में लगाई जाती है.