पानी पी रहे हैं या जहर? बोतल में छुपी है बीमारी; जानें कब फेंकना है?
महीनों पुरानी पानी की बोतल का लगातार इस्तेमाल आपके पेट में धीमा जहर घोल सकता है?
बोतल को लंबे समय तक इस्तेमाल करने से उसमें बैक्टीरिया, वायरस और कवक तेजी से पनपने लगते हैं.
पानी भले ही RO या फिल्टर का हो, लेकिन बोतल पुरानी और अशुद्ध है, तो उस पानी की शुद्धता खत्म हो जाती है.
अशुद्ध बर्तन का पानी पाचन बिगाड़ता है. इससे शरीर में वात और पित्त असंतुलन से इम्यूनिटी कमजोर होती है.
पुरानी बोतल का दूषित पानी पीने से पेट दर्द, उल्टी, पेट फूलना और संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है.
प्लास्टिक की बोतलों को हर 6 से 12 महीनों में अनिवार्य रूप से बदल देना चाहिए.
अगर आपकी पानी की बोतल से बदबू आने लगे, या उसके अंदर धब्बे और निशान पड़ जाएं तो फेंक दें.
बोतल में दो-तीन दिन तक एक ही पानी न छोड़ें. हर दिन ताजा पानी भरें और बोतल ब्रश और गर्म पानी से साफ करें.
स्टेनलेस स्टील या कांच की बोतलों का इस्तेमाल शुरू करें. इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम होता है.
कुल मिलाकर सिर्फ शुद्ध पानी पीना ही काफी नहीं है, बल्कि बर्तन की शुद्धता भी उतनी ही अहम है.