हील्स पहनने का शौक? रीढ़ की हड्डी और हिप्स को हो सकता है बड़ा नुकसान
हाई हील्स पहनना फैशन का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसका असर सिर्फ पैरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे शरीर पर दबाव डालता है.
ऊंची एड़ी पहनने से शरीर का बैलेंस, चाल, पोश्चर और मांसपेशियों की गतिविधि बदल जाती है, जिससे चलने का तरीका प्रभावित होता है.
पतली हील्स में जमीन से संपर्क कम होने के कारण टखने मुड़ने या गिरने का जोखिम बढ़ जाता है, खासकर असमान सतहों पर.
हील्स पहनने से एड़ी ऊपर उठती है, जिससे शरीर को संतुलन बनाए रखने के लिए पॉश्चर में बदलाव करना पड़ता है, जो स्पाइन को प्रभावित करता है.
लंबे समय तक हील्स पहनने से पीठ के निचले हिस्से (लुमबर एरिया) में खिंचाव और दर्द की समस्या बढ़ सकती है.
वजन संभालने का तरीका बदलने के कारण कूल्हों (हिप्स) के आसपास की मांसपेशियों को शरीर स्थिर रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
लंबे समय तक हील्स पहनने से घुटनों और टखनों में असहजता, थकान और दर्द महसूस हो सकता है.
स्टडीज के मुताबिक, जो महिलाएं लंबे समय तक ऊंची एड़ी पहनती हैं, उनमें हील्स की ऊंचाई बढ़ने के साथ दर्द की तीव्रता भी बढ़ सकती है.
हील्स पहनना पसंद है तो सही फिट, स्थिर डिजाइन और पहनने की अवधि सीमित रखें. लगातार दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें.