कैसे पहुंचे अमरनाथ, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए क्या है करना, जानें पूरी डिटेल्स

इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 को खत्म होगी. यह यात्रा 38 दिन चलेगी. 

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए भक्तों का पहला जत्था जम्मू से आज रवाना हो चुका है. 

लेकिन क्या आप जानते हैं अमरनाथ कैसे पहुंचा जा सकता है और बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए क्या करना होगा? चलिए हम आपको बताते हैं. 

बाबा बर्फानी के धाम पहुंचने के लिए दो रूट लिए जा सकते हैं- एक पहलगाम बेस कैंप से और दूसरा बालटाल बेस कैंप से.  

श्रीनगर से 92 किमी दूर पहलगाम बेस कैंप से शुरू होने वाला यह रास्ता लंबा है लेकिन इसमें चढ़ाई कम है. यह पारंपरिक रूट है और इससे यात्रा में तीन से पांच दिन लग जाते हैं. इस रास्ते को आसान माना जाता है. 

दूसरा रास्ता श्रीनगर से 95 किमी दूर बालटाल से शुरू होता है. लेकिन यह रूट सिर्फ 14 किमी का है. यात्रा में एक-दो दिन ही लगते हैं. लेकिन यह चढ़ाई वाला रास्ता है जो रिस्की भी माना जाता है. 

अगर आप जल्दी दर्शन करना चाहते हैं तो बालटाल से दोमेल के लिए आपको फ्री बैट्री रिक्शा और बस भी मिलती है जिससे पैदल यात्रा की दूरी करीब 2 किलोमीटर कम हो जाती है. 

दोमेल गेट से एंट्री सुबह 4 बजे से 10 बजे तक होती है. इसके बाद आपकी यात्रा शुरू होती है. 

अगर आप घोड़े से जाना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 हजार रुपये तक देने होंगे. वहीं पालकी का रेट आने-जाने का 8 हजार रुपये है. घोड़े और पालकी वाले गुफा से एक किलोमीटर दूर ही छोड़ देते हैं वहां से आपको पैदल जाना पड़ेगा.