मुरझाते पौधों में फुंकेगी नई जान: अपनाएं 7 आसान टिप्स
पत्तियां भूरी होने पर भी पौधा पूरी तरह मृत नहीं होता. टहनी को थोड़ा खुरचकर देखें, अगर अंदर हरापन या जड़ें मजबूत हैं तो पौधा बच सकता है.
पौधे के सूखे और सड़े हुए हिस्सों को काटकर अलग कर दें. अगर तना खराब है तो ऊपर से केवल 5 सेमी छोड़कर काटें, इससे नई शाखाएं निकलेंगी.
जरूरत से ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ जाती हैं. अगर पत्तियां पीली पड़ें और मिट्टी गीली रहे, तो कुछ दिन पानी न दें और धूप में रखें.
समय के साथ मिट्टी के पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं. मुरझाते पौधे को नई और उपजाऊ मिट्टी में री-पॉट करें ताकि जड़ों को नया पोषण मिले.
मिट्टी या कटे हुए तने पर फफूंद लगने का डर रहता है. दालचीनी पाउडर एक बेहतरीन नेचुरल फंगस-रोधी है, इसे मिट्टी पर थोड़ा छिड़क दें.
केले के छिलकों में पोटैशियम भरपूर होता है. छिलकों के छोटे टुकड़े कर मिट्टी की ऊपरी परत में दबाएं, जिससे जड़ों को सीधा पोषण मिलेगा.
तेजी से असर के लिए 2-3 केले के छिलकों को पानी में 48 घंटे भिगोएं. इस पोषक तत्वों से भरपूर पानी को हर कुछ हफ़्तों में पौधों में डालें.
पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे जरूरत के अनुसार पर्याप्त अप्रत्यक्ष धूप और अच्छी हवा मिल सके, इससे रिकवरी तेजी से होगी.
पौधे को दोबारा हरा-भरा होने में थोड़ा समय लगता है. सही मात्रा में पानी, धूप और घरेलू पोषण देकर थोड़ा सब्र रखें, पौधा फिर लहला उठेगा.