अगर आपको भी सिर्फ 4-5 घंटे की नींद आती है तो हो जाइए सावधान! कहीं इस सिंड्रोम का शिकार तो नहीं हो गए हैं आप?

नींद हमारी सेहत के लिए उतनी ही जरूरी है जितना खाना और पानी. लेकिन कुछ लोगों को सिर्फ 4-5 घंटे की नींद में ही पूरा दिन एनर्जेटिक महसूस होता है.

ऐसे लोगों को शॉर्ट स्लीपर सिंड्रोम (Short Sleeper Syndrome) हो सकता है. यह एक रेयर नींद से जुड़ा डिसऑर्डर है.

इस सिंड्रोम से पीड़ित लोग दिन में सुस्ती या झपकी महसूस नहीं करते. वे कम नींद में भी फोकस और एक्टिव रहते हैं.

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह समस्या जेनेटिक म्यूटेशन, खासकर DEC2 नाम के जीन में बदलाव के कारण हो सकती है.

इस सिंड्रोम में नींद की जरूरत 4 से 6 घंटे तक सीमित हो जाती है, जबकि बाकी लोगों को 7 से 9 घंटे की नींद जरूरी होती है.

बाहर से यह एक सुपरपावर जैसा लगता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में इससे हार्ट, ब्रेन और इम्यून सिस्टम पर असर पड़ सकता है.

SSS से पीड़ित लोग सामाजिक या पारिवारिक जीवन में खुद को अलग-थलग भी महसूस कर सकते हैं क्योंकि उनकी नींद का पैटर्न अलग होता है.

अगर आपको भी लंबे समय से कम नींद में थकावट नहीं होती, तो डॉक्टर से सलाह लेना सही रहेगा.

शॉर्ट स्लीपर सिंड्रोम कोई बीमारी नहीं, लेकिन इसकी सही जानकारी और समझ होना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में हेल्थ रिस्क से बचा जा सके.