अमेरिका को झटका! चीन से तेल खरीदेगी 9 भारतीय कंपनियां
अमेरिका के टैरिफ के बीच 9 भारतीय कंपनियों ने सोयाबीन तेल आयात करने के लिए चीन से हाथ मिलाया है.
कारगिल, बंगे, एडीएम और लुईस ड्रेफस, पतांजली, अडानी विल्मर जैसी 9 भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियां इसमें शामिल हैं.
अन्य आयातकों में इमामी एग्रो टेकू टेक, जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स और गोकुल एग्रो रिसोर्सेज भी शामिल हैं.
कुल 1.5 लाख टन तेल के लिए डील साइन की गई है. सूत्रों के अनुसार यदि कीमतें कम रहीं तो कुछ महीनों आयात हो सकता है.
यह तेल चीनी सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी कोस्को और एक निजी कंपनी के जरिए भारत भेजा जा रहा है.
भारतीय आयातकों को यह तेल अर्जेंटीना और ब्राजील से $15-20 प्रति टन सस्ता मिल रहा है.
अभी मुंबई में डिगम्ड सोयाबीन तेल की लैंडेड कीमत $1,205 प्रति टन है. जबकि, आरबीडी पामोलीन $1,070 और सूरजमुखी तेल $1,230 प्रति टन है.
चीन ने इस साल 100 मिलियन टन सोयाबीन आयात किया है, जिससे सोया तेल और सोया मील का अधिशेष बन गया है.
चीन से तेल पहुंचने में केवल कुछ हफ्ते लगते हैं, जबकि लैटिन अमेरिकी देशों से इसमें लगभग 45 दिन लगते हैं.