भारत के बासमती ने अमेरिका में गाड़े झंडे, खुशबू और स्वाद ने दिलाया बंपर ऑर्डर

भारतीय बासमती चावल अपनी खुशबू और स्वाद के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. अब अमेरिका में भी इसकी भारी डिमांड देखने को मिल रही है.

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के एक सदस्य ने अमेरिका को 5,000 टन प्रीमियम बासमती चावल निर्यात का एक बड़ा समझौता किया है.

यह भारी-भरकम सौदा भारत-अमेरिका कृषि व्यापार को और अधिक मजबूती देने की दिशा में एक अहम और रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

फेडरेशन के अनुसार, असली भारतीय बासमती चावल की ग्लोबल मांग लगातार बढ़ रही है. बेहतर टैरिफ ने इस रफ्तार को और तेज कर दिया है.

यह निर्यात समझौता भारतीय बासमती की उत्कृष्ट गुणवत्ता, मनमोहक सुगंध और प्रामाणिकता पर वैश्विक खरीदारों के अटूट भरोसे को दर्शाता है.

दुनिया का भरोसा जीतने के लिए भारतीय निर्यातक कड़े गुणवत्ता नियंत्रण और चावल की ट्रेसबिलिटी पर विशेष ध्यान दे रहे हैं.

IREF सदस्य अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और 'फाइटोसैनिटरी मानकों' का सख्ती से पालन कर रहे हैं, ताकि हाई-वैल्यू ग्लोबल मार्केट में मजबूत रहे.

गुणवत्ता के साथ-साथ टिकाऊ खेती और जिम्मेदार सोर्सिंग भी निर्यातकों की प्राथमिकता है, जो पर्यावरण और व्यापार दोनों के लिए फायदेमंद है.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा बासमती चावल निर्यातक है. यह उत्तर अमेरिका, यूरोप और मध्य-पूर्व जैसे बाजारों में अपनी धाक जमा चुका है.

यह 5,000 टन का सौदा भारत के मजबूत कृषि निर्यात ढांचे को दिखाता है. आने वाले समय में इस इकोसिस्टम को और बढ़ावा दिया जाएगा.