kanwar Yatra 2025: कांवड़ियों पर क्यों छाया रहता है भगवा, जाने इस रंग का क्या है महत्व?
सावन माह में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व है. इस माह में भोलेनाथ अपने भक्तों पर अपनी कृपा दृष्टि रखते हैं और उनकी हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं.
श्रावण माह की पहली तिथि से कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो जाती है. इस माह को भोलेनाथ की आराधना के लिए खास माना जाता है. साल 2025 में सावन का महीना 9 अगस्त तक चलेगा.
कांवड़ यात्रा 23 जुलाई यानि सावन शिवरात्रि के दिन तक चलेगी. इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ेगा और कांवड़ यात्रा समाप्त हो जाएगी.
कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को भगवा रंग के वस्त्रों में देखा जाता है. जो त्याग,तपस्या और भोलेनाथ के प्रति उनकी भक्ति का प्रतीक है.
कावड़ यात्रा पर जाते समय लोग भगवा रंग के कपड़े पहनते हैं जो कांवड़ियों की पहचान है. यह रंग भक्तों को सांसारिक मोह माया से दूर करता है.
कांवड़ यात्रा के लिए भक्त भगवा रंग के वस्त्र पहनते हैं जो ब्रह्मचर्य को दर्शाता है.
साथ ही इस दौरान लोग मांसाहार भोजन का त्याग करते हैं.
कांवड़ यात्रा में भागवा वस्त्र भगवान भोलेनाथ के प्रति सेवा, त्याग और संकल्प का प्रतीक है. जिसे सन्यासी और साधु लोग भी धारण करते हैं.
इसका अर्थ ये है कि आप भोलेनाथ की भक्ति में लीन हैं और आप सांसारिक मोह माया से दूर हैं.