पैरों से कैसे मिलते हैं किडनी खराब होने के संकेत?

'किडनी', शरीर में फिल्टर की तरह काम करती हैं. खून को साफ कर विषैले तत्वों को बाहर निकालती हैं.

जब किडनी कमजोर पड़ जाती है, तो इसका असर सिर्फ पेट या पेशाब तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आपके पैरों में भी साफ नजर आने लगता है.

वैज्ञानिक किडनी की बीमारी को 'साइलेंट किलर' की क्राइटेरिया में गिनते हैं, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण इतने मामूली होते हैं. 

किडनी के खराब होने की स्थिति में शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं, और इनमें से कुछ संकेत हमारे पैरों के जरिए मिलते हैं.

पैरों में अचानक सूजन आ जाए, खासकर टखनों और पंजों में और इसका कोई सीधा कारण न हो तो यह किडनी की गड़बड़ी का शुरुआती संकेत हो सकता है.

स्वस्थ किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और सोडियम को बाहर निकालती हैं, लेकिन जब वे ठीक से काम नहीं करती तो तरल शरीर में जमा होने लगते हैं.

सबसे पहले पैरों पर दिखता है, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण के कारण तरल नीचे की ओर जमा होता है. इसे मेडिकल भाषा में एडिमा कहते हैं.

किडनी के सही से काम न करने पर पैरों और उंगलियों के रंग में बदलाव आने लगता है. त्वचा पीली पड़ सकती है या पैरों पर गहरे रंग के धब्बे दिख सकते हैं.

पैरों का सुन्न होना भी इन्हीं लक्षणों में से एक है. किडनी की बीमारी से नसों पर असर पड़ता है, जिससे पैरों में अजीब सी सुई चुभने जैसा हो सकता है.

पैरों में बिना कारण खुजली होना भी खतरे का संकेत है. विषैले पदार्थ बाहर नहीं निकल पाने के चलते खुजली का कारण बनते हैं.

रात में पैरों में ऐंठन या मरोड़ आप चैन से सो रहे हों और अचानक पिंडलियों में तेज दर्द या खिंचाव आ जाए तो किडनी की खराबी का संकेत है.

अगर आपको ऐसे संकेत मिल रहे हैं और इनका कोई सीधा कारण नहीं है तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए.