चंद्र ग्रहण के समय अगर टूटे ये अहम नियम तो क्या होगा, जानिए पूरा सच!

मिथ: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला बाहर निकली तो बच्चे पर दाग या निशान पड़ेगा. साइंस: ऐसा कुछ नहीं है. बच्चे का शरीर DNA और गर्भ में विकास पर निर्भर करता है, ग्रहण से नहीं.

मिथ: ग्रहण के वक्त खाना बनाने या खाने से जहर फैलता है. साइंस: ग्रहण का खाने से कोई लेना-देना नहीं. पहले फ्रिज नहीं होते थे, इसलिए खाना खराब न हो इस वजह से नियम बनाए गए.

मिथ: ग्रहण देखने से आंखें खराब हो जाती हैं. साइंस: सिर्फ सूर्य ग्रहण बिना सुरक्षा देखना खतरनाक है. चंद्र ग्रहण नंगी आंखों से भी देखना 100% सुरक्षित है.

मिथ: ग्रहण के दौरान घर का पानी और पौधे खराब हो जाते हैं. साइंस: पानी और पौधों पर ग्रहण का कोई असर नहीं होता. यह सिर्फ मान्यता है.

मिथ: ग्रहण में पूजा-पाठ या स्नान न करने से पाप लगता है. साइंस: यह धार्मिक विश्वास है. वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण का इंसानी कर्मों या पाप-पुण्य से कोई संबंध नहीं.

मिथ: ग्रहण से भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं. साइंस: ग्रहण तो बस एक खगोलीय घटना है. इसका आपदाओं से कोई सीधा रिश्ता नहीं है.

मिथ: ग्रहण सेहत के लिए नुकसानदायक है. साइंस: कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं. लोग ज्यादातर डर और मान्यता की वजह से बीमार महसूस करते हैं.

अगर कोई मान ले कि दवा ली है, तो सिर्फ विश्वास से ही उसे आराम महसूस हो सकता है. असल में असर दवा का नहीं, भरोसे का होता है. ग्रहण से जुड़ी कई मान्यताएं इसी असर पर टिकी हैं.

ग्रहण बस सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की एक खगोलीय लाइनिंग है. इंसान की सेहत, गर्भवती महिलाओं या खाने-पीने पर इसका कोई असर नहीं पड़ता. डर नहीं, ज्ञान ज़रूरी है.