मैक्सिकन मिंट या कर्पूरवल्ली एक छोटा लेकिन शक्तिशाली पौधा है, जिसे किचन गार्डन में लगाकर आप कई बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं.
इसे अक्सर अजवाइन का पौधा समझा जाता है, लेकिन यह एक अलग प्रजाति का है. इसकी पत्तियाँ मोटी और नुकीली होती हैं, जिनकी खुशबू अजवाइन जैसी होती है.
इस पौधे को उगाने के लिए ज़्यादा जगह की ज़रूरत नहीं है. यह थोड़ी सी जगह में भी बेल की तरह फैल जाता है और इसे ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत नहीं पड़ती.
मैक्सिकन मिंट में एंटीबायोटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को संक्रमण से होने वाले रोगों से लड़ने की शक्ति देते हैं.
सर्दी, खांसी या जुकाम होने पर इसकी पत्तियों का इस्तेमाल काढ़े या चाय के साथ मिलाकर किया जा सकता है. यह कड़वी नहीं होती है.
अस्थमा या छाती में कफ जमने की परेशानी होने पर इसकी पत्तियों को गर्म पानी में उबालकर लिया जा सकता है, या भाप भी ली जा सकती है.
गैस बनना, अपच होना और पाचन शक्ति का कमजोर होना जैसी समस्याओं में मैक्सिकन मिंट किसी दवा की तरह काम करता है.
इसके रोज़ाना सेवन से पेट में गैस की दिक्कत कम होती है और यह पाचन की शक्ति को बढ़ाता है, जिससे भूख भी लगती है.
एंटीबायोटिक गुण होने के कारण यह घाव को जल्दी भरने में मदद करता है. चोट से होने वाली सूजन और दर्द में भी इसकी पत्तियाँ राहत देती हैं.
मैक्सिकन मिंट कई औषधीय गुणों से भरा है. इसका इस्तेमाल बड़े से लेकर बच्चे तक के लिए किया जा सकता है, जिससे वे छोटी-मोटी बीमारियों से बचे रहें.