सुबह उठते ही मोबाइल स्क्रॉलिंग: दिल की सेहत पर भारी पड़ सकती है यह आदत
सुबह आंख खुलते ही फोन चेक करना लगभग हर इंसान की दिनचर्या बन चुका है, लेकिन यह अनजाने में तनाव बढ़ा सकता है.
ऑफिस ईमेल, दोस्तों के मैसेज, सोशल मीडिया अपडेट्स और नोटिफिकेशन्स पाने की उत्सुकता हमें उठते ही स्क्रीन देखने पर मजबूर करती है.
उठते ही काम का दबाव, नकारात्मक खबरें या तनावपूर्ण मैसेज देखने पर दिमाग उसे तुरंत एक चुनौती या खतरे के रूप में स्वीकार कर लेता है.
तनाव महसूस होते ही शरीर में 'एड्रेनालाइन' हॉर्मोन रिलीज होता है, जिससे हार्ट रेट और सांस लेने की गति तेज हो जाती है.
सिम्पैथिटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होने से रक्त वाहिकाओं पर असर पड़ता है और ब्लड प्रेशर अस्थायी रूप से बढ़ जाता है.
सुबह-सुबह तनाव मिलने पर घबराहट, हथेलियों में पसीना आना, बेचैनी और सीने में भारीपन जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं.
देर रात तक फोन चलाने और सुबह उठते ही स्क्रॉल करने से स्लीप साइकिल बिगड़ती है, जिससे दिनभर थकावट बनी रहती है.
सुबह फोन देखना सीधे दिल की बीमारी नहीं पैदा करता, लेकिन रोजाना का यह तनाव लंबे समय में हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है.
दिन की शुरुआत स्क्रीन से दूर रहकर करें, जरूरी नोटिफिकेशन्स ही ऑन रखें और मॉर्निंग रूटीन में योग, वॉक या मेडिटेशन शामिल करें.