बार-बार मुंह में छाले? पित्त है बड़ा कारण; जानें निवारण

मुंह के छालों को अक्सर 'पेट की गर्मी' मानकर अनदेखा कर दिया जाता है. लेकिन बार-बार छाले होना सामान्य नहीं है.

आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में पित्त बढ़ने से छाले होते हैं. यह खराब पाचन का संकेत है जो आंत और लिवर को प्रभावित करता है.

अगर स्थिति गंभीर है, तो यही छाले श्वास नली तक पहुंच सकते हैं और पेट में अल्सर की परेशानी भी खड़ी कर सकते हैं.

इसके अलावा विटामिन B12 की कमी, कब्ज, ज्यादा मसालेदार भोजन और मुंह में संक्रमण भी इसके मुख्य कारण हैं.

दिन में दो बार मुलेठी पाउडर और शहद का सेवन करें. इससे पेट ठंडा रहता है और छालों में आराम मिलता है.

रात में गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लें. इससे कब्ज दूर होती है. अगर पेट साफ रहेगा तो मुंह के छाले परेशान नहीं करेंगे.

दिन में दो बार नारियल पानी पिएं. इसकी तासीर ठंडी होती है जो पित्त को शांत करती है और पाचन शक्ति बढ़ाती है.

अगर छाले बहुत ज्यादा हैं और जलन हो रही है, तो रात के समय जीभ पर घी में मिश्री मिलाकर लगाएं. यह तुरंत ठंडक देता है.

फिटकरी को पानी में घोलकर कुल्ले करें. इससे मुंह का संक्रमण कम होता है और छाले जल्दी सूखते हैं.

दही, छाछ खाएं और मिर्च-मसाले छोड़ें. अगर छाले 7 दिन में ठीक न हों या बार-बार हों, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें.