मल्टीग्रेन रोटी खाने से वजन और ब्लड शुगर पर क्या पड़ेगा असर?

मल्टीग्रेन आटा दो या उससे अधिक अनाजों जैसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, जौ और ओट्स को मिलाकर तैयार किया जाता है.

यदि आटे में साबुत अनाज शामिल हैं, तो इससे शरीर को बी-विटामिन्स, आयरन और प्रचुर मात्रा में फाइबर मिलता है.

फाइबर से भरपूर मल्टीग्रेन रोटी खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है.

साबुत अनाज धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे खाने के बाद ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता और ग्लूकोज का स्तर संतुलित रहता है.

मल्टीग्रेन रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वेट मैनेज करना आसान होता है.

एक वयस्क को रोजाना लगभग 22 से 34 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है, जिसे मल्टीग्रेन आटे से आसानी से पूरा किया जा सकता है.

कई मल्टीग्रेन मिश्रणों में पोषण बढ़ाने के लिए चना, सोयाबीन या अलसी के बीज भी मिलाए जाते हैं.

पैक्ड आटा खरीदते समय पैकेट पर सामग्री की सूची जरूर देखें कि उसमें कितना प्रतिशत साबुत अनाज मौजूद है.

केवल रोटी बदलना ही काफी नहीं है; इसके साथ हरी सब्जियां, दालें, फल और पर्याप्त पानी पीना भी सेहत के लिए आवश्यक है.