खून को फिल्टर करने के लिए 7 आयुर्वेदिक नुस्खे

जब रक्त में अशुद्धियां आ जाती हैं, तो शरीर बीमारियों का घर बन जाता है. आयुर्वेद में इसे 'रक्तदूषा' कहा जाता है, जिससे हर अंग प्रभावित होता है.

आंवला में रक्त को साफ करने के गुण होते हैं. इसे सुबह खाली पेट खाएं या चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लें.

तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो खून को साफ करते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. तुलसी की चाय या काढ़ा लें.

नीम की पत्तियां और दातून शरीर और रक्त दोनों को साफ करती हैं. सुबह खाली पेट कुछ नीम की पत्तियाँ चबाना बहुत लाभकारी है.

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शरीर से विषैले पदार्थों (टॉक्सिंस) को बाहर निकालता है और खून को शुद्ध करने में मदद करता है. इसे रोज़ाना खाने में शामिल करें.

मंजिष्ठा की जड़ को रक्त शोधक कहा जाता है. यह रक्त को साफ करके स्किन पर निखार लाती है और चमकदार बालों के लिए भी उपयोगी है.

आंवला, हरण और बहेड़ा के मिश्रण वाला त्रिफला चूर्ण आंतों को साफ करता है और पेट के जहरीले पदार्थों का नाश करता है.

त्रिफला चूर्ण लेने से पाचन शक्ति बढ़ती है और खाना अच्छे से पचकर शुद्ध रूप में खून में मिलता है.

स्वाद में कड़वा और कसैला होने के बावजूद चिरायता रक्त शुद्धि के लिए बेहतरीन टॉनिक माना जाता है. इसका चूर्ण या टॉनिक बाज़ार में उपलब्ध है.

गिलोय, गाजर का रस, चुकुंदर का रस और गुड़मार का इस्तेमाल भी रक्त को शुद्ध करने में सहायक है. इन्हें अपनी डाइट में शामिल करें.