दिल्ली-NCR समेत पूरे देश में पारा लगातार चढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में तापमान 42°C पार कर चुका है और अब गर्मी और सितम ढाने वाली है.
‘नौतपा’ का सीधा सा मतलब है- 9 दिनों की भारी तपिश. इस साल 25 मई से लेकर 2 जून तक धरती खूब तपेगी और भीषण लू चलने की आशंका है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 25 मई को सूर्य देव 'रोहिणी नक्षत्र' में प्रवेश करेंगे. इस दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है और किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं.
मान्यता है कि नौतपा में जितनी भीषण गर्मी और सूखा पड़ेगा, मानसून उतना ही झमाझम और लंबा होगा. तेज गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनता है, जिससे अच्छे बादल छाते हैं.
रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं. जब सूर्य इस नक्षत्र में आते हैं, तो अपनी प्रचंड गर्मी से चंद्रमा की शीतलता को सोख लेते हैं, जिससे वातावरण में उमस और तपन बढ़ जाती है.
इन 9 दिनों में सूर्य देव की विशेष उपासना करें. तांबे के लोटे में चावल, गुड़, रोली और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और सुख-समृद्धि की कामना करें.
भीषण गर्मी में जरूरतमंदों को ठंडा पानी, शरबत, सत्तू, पंखा और मौसमी फल दान करें. पशु-पक्षियों के लिए छत पर दाना-पानी रखना इस समय बेहद पुण्यदायी माना जाता है.
नौतपा के दौरान भारी, मसालेदार या बासी भोजन का पूरी तरह त्याग करें. जितना हो सके सात्विक, हल्का और ताजा भोजन लें और खुद को हाइड्रेटेड रखें.
इन 9 दिनों में सगाई, विवाह, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं. साथ ही कोई नया बिजनेस या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए.
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने और लंबी यात्राओं से बचें. बाहर जाते समय हल्के रंग के कपड़े पहनें, छाता साथ रखें और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें.