जिन्ना नहीं, इस शख्स ने सबसे पहले की थी पाकिस्तान की मांग, आप नहीं जानते होंगे नाम

भारत से एक दिन पहले यानी आज 14 अगस्त को पाकिस्तान अपनी आजादी का जश्न मना रही है और कल भारत अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. 

अंग्रेजों ने करीब 200 साल भारत पर राज किया और जाते जाते देश को दो हिस्सों भारत और पाकिस्तान में बांट कर चले गए. 

जिस समय आजादी की मांग हो रही थी तभी टू नेशन का समर्थन मोहम्मग अली जिन्ना और इंडिया मुस्लिम लीग दोनों कर रहे थे. उनकी मांग थी कि धर्म के आधार पर मुस्लिमों के लिए अलग देश होना चाहिए. 

मुहम्मद अली जिन्ना को पाकिस्तान का संस्थापर या महान नेता के रूप में याद किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं सबसे पहले पाकिस्तान की मांग किस शख्स ने की थी? चलिए हम आपको बताते हैं. 

जिस शख्स ने पहली बार पाकिस्तान शब्द का इस्तेमाल किया वह कोई और नहीं बल्कि चौधरी रहमत अली हैं. उन्हें पाकिस्तान शब्द का पहली बार इस्तेमाल करने का श्रेय दिया जा सकता है. 

रहमत अली को पाकिस्तान राष्ट्रीय आंदोलन के संस्थापक के रूप में प्रस्तुत करते हैं. 28 जनवरी 1933 को कैंब्रिज में लॉ स्टूडेंट ने पहली बार पश्चिमी और उत्तरी भारत के मुस्लिम होमलैंड्स का वर्णन करने के लिए पाकिस्तान शब्द का इस्तेमाल किया. 

उन्होंने 28 जनवरी 1933 को 'Now or Never' नामक पुस्तक  ब्रिटेन में जारी किया. इसमें उन्होंने पाकिस्तान के उन तीस मिलियन मुसलमानों की ओर से एक जोरदार अपील की जो भारत की पांच उत्तरी इकाइयों में रहते थए. 

उन्होंने अपील की कि पाकिस्तान को अलग राष्ट्र की मान्यता मिले. साथ ही पाकिस्तान को भारत से अलग धार्मिक, सामाजिक और ऐतिहासिक आधारों पर एक अलग संघीय संविधान की मान्यता दी जाए. 

चौधरी रहमत अली के पाकिस्तान नेशनल मूवमेंट की शुरुआत को देखते हुए बाद में मुस्लिम लीग ने भी इसका झंडा अपने हाथ में उठा लिया. 

जब मुस्लिम लीग ने इसका झंडा उठाया तो लोगों को लगा कि पाकिस्तान की मांग मोहम्मद अली जिन्ना ने की है और इस तरह पाकिस्तान अलग देश बनने के बाद जिन्ना ही उसके संस्थापक कहलाए.

इंग्लैंड में रहमत अली की आर्थिक हालात काफी खराब हो गए कोई उनको पूछने वाला भी नहीं बचा. तबियत खराब होने के चलते 3 फरवरी 1951 को रहमत ने दुनिया को अलविदा कह दिया.