पीपल की छाल, पत्ते और दूध सेहत बदल देंगे, जानें सही तरीका

पीपल का वृक्ष केवल पूजनीय नहीं, बल्कि संपूर्ण औषधीय गुणों से भरपूर है.

पीपल एकमात्र ऐसा वृक्ष है जो वैज्ञानिक दृष्टि से 24 घंटे ऑक्सीजन उत्सर्जन करता है.

चरक संहिता के अनुसार, पीपल वात, पित्त और कफ तीनों दोषों का नाश करने वाला, रक्तशोधक है.

पीपल की छाल का काढ़ा खांसी और श्वास संबंधी समस्याओं में बहुत उपयोगी है.

हरे पत्तों का लेप खुजली, फोड़े-फुंसी और फंगल संक्रमण में प्रभावशाली होता है.

दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में पीपल का दूध बहुत उपयोगी माना जाता है.

दस्त या आंतों की कमजोरी होने पर पीपल की सूखी छाल का चूर्ण दही के साथ सेवन कर सकते हैं.

हृदय रोगों के लिए, पीपल के सूखे पत्तों का काढ़ा शहद के साथ सेवन करना चाहिए.

पीपल का दूध आंखों पर या संवेदनशील त्वचा पर न लगाएं. गर्भवती स्त्रियों को न दें.