घर की इस दिशा में लगाएं गेंदे का पौधा, मिलेगी सुख-समृद्धि और धन लाभ

गेंदे के पीले और नारंगी फूल हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माने जाते हैं. इन्हें देवी-देवताओं की पूजा में विशेष स्थान प्राप्त है.

पीला गेंदे का फूल सूर्योदय का प्रतीक है, जबकि नारंगी फूल सूर्यास्त को दर्शाता है. ये दोनों रंग सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं.

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को गेंदे के फूल अत्यंत प्रिय हैं. पूजा में इन फूलों का प्रयोग करने से उनकी कृपा बनी रहती है.

वास्तुशास्त्र के अनुसार, गेंदे के फूलों का पौधा लगाने से घर में शांति, समृद्धि और धन की वृद्धि होती है.

गेंदे का पौधा घर में ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में लगाना सबसे शुभ माना जाता है. इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.

इसके अलावा पूर्व या उत्तर दिशा में भी गेंदे का पौधा लगाया जा सकता है. ये दिशाएं भी सौभाग्य लाने वाली होती हैं.

गेंदे का पौधा मुख्य द्वार के पास लगाने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती. घर का वातावरण भी पवित्र रहता है.

कभी भी गेंदे का पौधा दक्षिण या पश्चिम दिशा, या रसोई, टॉयलेट और गंदे स्थानों के पास नहीं लगाना चाहिए. यह अशुभ होता है.

पूरी तरह से मुरझाया हुआ पौधा घर में न रखें. हरे-भरे और ताजे गेंदे के फूलों से घर में देवताओं की विशेष कृपा बनी रहती है.