जहरीला लेकिन फायदेमंद है भगवान शिव का प्रिय फल, जानिए इसके चमत्कारी आयुर्वेदिक उपयोग
धतूरा भगवान भगवान शिव को चढ़ाया जाने वाला पवित्र फल है, लेकिन इसके औषधीय गुण भी कमाल के हैं.
हालांकि धतूरा का फल जहरीला माना जाता है, लेकिन आयुर्वेद में इसका सूखा पत्ता और बीज औषधि के रूप में प्रयोग होता है.
डॉक्टरों के अनुसार धतूरा शरीर के लिए फायदेमंद एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है.
धतूरा बालों के झड़ने, डैंड्रफ और नपुंसकता जैसी समस्याओं में असरदार माना गया है.
बवासीर, दमा और फेफड़ों में जमा कफ के इलाज में भी यह औषधीय पौधा कारगर साबित होता है.
जोड़ों के दर्द या पैरों की सूजन
में धतूरे की पत्तियों का लेप लगाने से तुरंत राहत मिलती है.
धतूरे की गर्म तासीर मांसपेशियों की प्राकृतिक सिकाई करती है और दर्द को शांत करती है.
दमा के मरीजों के लिए धतूरा, अपामार्ग और जवासा का चूर्ण बनाकर उसकी महक लेना फायदेमंद होता है.
ध्यान रखें, धतूरा जहरीला होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल सिर्फ आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ही करें.