Pitru Paksha 2025 में गर्भवती महिलाएं भूलकर भी न करें ये काम!

आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष यानी श्राद्ध की शुरूआत होती हैं. ये समय अपने पूर्वजों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का होता है.

माना जाता है कि पितृ पक्ष पर हमारे मृत पूर्वज अपने परिवार वालों से मिलने धरती पर आते हैं और सर्व पितृ अमावस्या पर वापस लौट जाते हैं.

इस दिन पित्रों के आशीर्वाद के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, लेकिन इस बीच कई चीजें ऐसी हैं जिन्हें करना वर्जित माना जाता है.

पितृ पक्ष के समय गर्भवती स्त्रियों को कुछ चीजें करने से बचना चाहिए. अगर ध्यान न रखा जाए तो इसका बुरा प्रभाव शिशु पर पढ़ सकता है.

पितृ पक्ष से पूरे 15 दिनों तक गर्भवती महिलाओं को तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए. इससे मन और शरीर दोनों शांत रहेंगे, जो बच्चे के लिए अच्छा है.

श्राद्ध में पित्रों के लिए बन रहे भोजन को गर्भवती महिलाओं को न तो छूना चाहिए और न ही उसका सेवन करना चाहिए.

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को पिंड दान होने वाले स्थानों से दूर रहना चाहिए, वरना इसका बुरा असर बच्चे पर पढ़ सकता है.

जानकारी के लिए बता दें कि इस बार पितृ पक्ष के अंतिम दिन ग्रहण भी पड़ने वाला है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होगी.

ग्रहण के समय गर्भवती महिले घर से बाहर न निकलें, पेट पर गेरुं लगाएं और नुकीली चीजों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.