पौधों के लिए 'संजीवनी' है चावल का पानी! जानें खाद बनाने का सही तरीका

चावल धोने के बाद उसका धुंधला पानी सिंक में बहाने के बजाय बोतल में जमा करें. इसमें स्टार्च, नाइट्रोजन और विटामिन-B भरपूर होता है.

चावल का फर्मेंटेड पानी मिट्टी में माइक्रोब्स (फायदेमंद बैक्टीरिया) को बढ़ाता है और पौधों की जड़ों को तेजी से मजबूत बनाता है.

बोतल में कटे हुए संतरे या किन्नू के छिलके डालें, यह फर्मेंटेशन की बदबू दूर कर खाद को खट्टी खुशबू और सही pH लेवल देता है.

सूखे अंडे के छिलकों का चूरा मिलाकर डालें; चावल का एसिडिक पानी छिलकों से कैल्शियम सोखकर पौधों के तने मजबूत करता है.

1-2 चम्मच गुड़ जरूर मिलाएं; यह गुड़ बैक्टीरिया का मुख्य भोजन है, जिसके बिना फर्मेंटेशन की प्रक्रिया सही से पूरी नहीं होती.

बोतल को हमेशा 20-25% खाली रखें, ताकि फर्मेंटेशन से बनने वाली गैस के दबाव से बोतल फटने या लिक्विड बाहर उछलने का रिस्क न रहे.

बोतल का ढक्कन रोजाना सुबह और शाम हल्का सा ढीला करके अंदर बनी गैस बाहर निकालें और तुरंत ढक्कन वापस बंद कर दें.

7 से 10 दिन में शक्तिशाली ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर तैयार हो जाएगा, लेकिन इसे कभी भी सीधे पौधों की जड़ों में न डालें.

1 भाग खाद में 10 भाग सादा पानी मिलाकर ही इस्तेमाल करें. इसे हर 15-20 दिन में गुलाब, गुड़हल या सब्जियों के पौधों में डालें.