शुक्र प्रदोष व्रत: शिव-पार्वती की कृपा के लिए नोट कर लें पूजा का शुभ मुहूर्त
30 जनवरी को माघ माह का अंतिम प्रदोष व्रत है. यह दिन शिव-शक्ति की कृपा पाने के लिए बेहद खास है.
सुबह 11:09 बजे तक द्वादशी है, उसके बाद त्रयोदशी शुरू होगी.
शुक्रवार को होने के कारण इसे 'शुक्र प्रदोष' कहते हैं. यह धन, वैभव और वैवाहिक फलदायी है.
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:56 तक है. वहीं, शाम की पूजा के लिए अमृत काल शाम 6:18 से 7:46 तक रहेगा.
राहुकाल सुबह 11:14 से दोपहर 12:35 तक रहेगा. इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू न करें.
यमगण्ड दोपहर 3:17 से 4:38 तक और गुलिक काल सुबह 8:31 से 9:52 तक रहेगा.
शाम को शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग चढ़ाएं. शिव चालीसा का पाठ करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
यह व्रत कुंडली में शुक्र ग्रह के दोषों को दूर करता है, जिससे जीवन में प्रेम और लग्जरी बढ़ती है.
इस दिन 'वैधृति' योग शाम 4:58 तक है. चंद्रमा मिथुन राशि में और नक्षत्र 'आर्द्रा' रहेगा. यह संयोग पूजा के लिए शुभ है.
महादेव और माता पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए विधि-विधान से पूजा करें और संयमपूर्वक व्रत का पालन करें.