उम्र के हिसाब से चुनें स्किन केयर, जानें डर्मेटोलॉजिस्ट की सही सलाह

कम उम्र में बेसिक देखभाल काफी होती है, लेकिन उम्र बढ़ने पर दाग-धब्बे, कोलाजन की कमी और फाइन लाइन्स से बचाव के लिए खास रूटीन की जरूरत होती है.

12-13 की उम्र में हॉर्मोनल बदलाव से एक्ने और पिंपल्स होते हैं. दिन में दो बार क्लेंजिंग और नॉन-कोमेडोजेनिक मॉइश्चराइजर का ही इस्तेमाल करें.

धूप हो या बादल, SPF 30+ सनस्क्रीन लगाएं ताकि दाग गहरे न हों. मेकअप हमेशा साफ करके सोएं और सोशल मीडिया ट्रेंड्स से दूर रहें.

इस उम्र में जेंटल क्लेंजर, टोनर और मॉइश्चराइजर लगाएं. नियमित सनस्क्रीन से पिग्मेंटेशन और अर्ली एजिंग (समय से पहले झुर्रियों) से बचाव होता है.

20s के ढलते दौर में विटामिन सी (Vitamin C) सीरम शामिल करें. यह स्किन में निखार लाता है और डैमेज से सुरक्षा देता है.

30 के बाद स्किन में नमी और कोलाजन कम होने लगता है. गहरे मॉइश्चराइजेशन के साथ रेटिनॉल (Retinoids), पेप्टाइड्स और हयालोरोनिक एसिड का इस्तेमाल शुरू करें.

हफ्ते में 1 से 2 बार माइल्ड एक्सफोलिएशन करें ताकि डेड स्किन हटे और स्किन रिपेयर प्रोसेस तेज हो सके.

उम्र बढ़ने के साथ त्वचा पतली और ड्राई हो जाती है. सिरामाइड (Ceramides) और हयालोरोनिक एसिड युक्त मॉइश्चराइजर से नमी बनाए रखें.

बिना डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह के कोई भी एक्टिव इंग्रीडिएंट या ट्रेंडिंग प्रोडक्ट न अपनाएं. एक्ने और दाग-धब्बों का खुद इलाज करने से बचें.