सोने के बाद भी रह जती है नींद बाकी? गंभीर डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं आप
क्या आप पूरी रात सोने के बाद भी थका हुआ और कन्फ्यूज्ड महसूस करते हैं? यह सिर्फ थकान नहीं, बल्कि एक दुर्लभ स्लीपिंग डिसऑर्डर हो सकता है.
विशेषज्ञ इसे इडियोपैथिक हाइपरसोम्निया (IH) कहते हैं. इस स्थिति में लोगों को भरपूर आराम करने के बाद भी लगातार नींद आती रहती है.
IH एक न्यूरोलॉजिकल नींद से जुड़ी बीमारी है, जो दिन में बहुत ज्यादा नींद आने का कारण बनती है. यह दिमाग के नींद-जागने के चक्र को प्रभावित करती है.
IH से पीड़ित लोग अक्सर लंबे समय तक सोते हैं, फिर भी जागने पर उन्हें सुस्ती और कन्फ्यूजन (ब्रेन फॉग) महसूस होता है.
अच्छी तरह सोने के बाद भी, उन्हें दिन में जागते रहने में मुश्किल होती है और वे लगातार गहन थकान महसूस करते हैं.
इसके लक्षण दूसरी नींद की बीमारियों या मेंटल हेल्थ कंडीशन (जैसे डिप्रेशन) से मिल सकते हैं, इसलिए सही डायग्नोसिस मिलने में अक्सर देरी होती है.
पिछली स्टडीज बताती हैं कि IH, एपिलेप्सी या बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी बीमारियों से भी ज्यादा आम हो सकता है.
इडियोपैथिक हाइपरसोम्निया का सही कारण अभी भी साफ नहीं है, लेकिन यह माना जाता है कि यह दिमाग के नियंत्रण से जुड़ी एक समस्या है.
इस बीमारी का कोई ठोस इलाज नहीं है. इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को मैनेज करने और मरीजों को रोज़मर्रा के काम करने में मदद करने पर फोकस करता है.
रिसर्च रिपोर्ट सोने के सही स्थान, साफ-सुथरे बिस्तर और अच्छी लाइफस्टाइल को अहम मानती है ताकि IH के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सके.