सर्दी के मौसम अंकुरित अनाज कई परेशानियों का आसान और प्राकृतिक इलाज है.

अंकुरण की प्रक्रिया में अनाज के अंदर छिपे सारे पोषक तत्व कई गुना बढ़ जाते हैं.

सबसे बड़ी बात यह है कि अंकुरण के दौरान एंजाइम एक्टिव हो जाते हैं, जो भोजन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं.

फाइबर की भरपूर मात्रा कब्ज, अपच, गैस जैसी समस्याओं को दूर करती है और आंतों को साफ रखती है.

विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स संक्रमण से बचाते हैं. रोज़ाना सेवन से इम्यूनिटी बढ़ती है.

कम कैलोरी में भरपेट पोषण मिलता है और भूख कम लगती है. इससे वजन नियंत्रण में मदद मिलती है.

लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने से अंकुरित ब्लड शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करता है.

आयरन की मात्रा से एनीमिया में फायदा मिलता है. बायोटिन और प्रोटीन बालों और त्वचा की सेहद सुधारते हैं.

अनाज को रात में भिगो दें. सुबह पानी निकालकर गीले कपड़े में बांधकर 8 से 10 घंटे रखें. यह अंकुरित हो जाएगा.

ताजे अंकुरित अनाज में नींबू-नमक, काला नमक, भुना जीरा डालकर चाट बनाकर खाएं.