गर्मियों में शहद: अमृत या जहर? बदल लें अपना तरीका

गर्मियों में गर्म तासीर वाली चीजों से बचने की सलाह दी जाती है. ऐसे जानें शहद कैसे खाएं?

शहद की तासीर गर्म और नमी वाली होती है. सीधे तौर पर यह पित्त बढ़ा सकता है.

शहद एक 'योगवाही' द्रव्य है. इसे जिस चीज के साथ मिलाया जाए, यह उसी के गुणों को अपना लेता है.

अगर आप मिट्टी के घड़े के ठंडे पानी में शहद और नींबू मिलाकर सुबह खाली पेट पीते हैं यह ठंडक देता है.

ठंडे पानी और नींबू के साथ शहद का मेल शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. वजन को नियंत्रित करता है.

सत्तू में चीनी के बजाय शहद मिलाएं; यह मिश्रण आपको तुरंत एनर्जी और ठंडक दोनों देगा.

शहद और सत्तू का मेल मांसपेशियों की थकान को दूर करता है. शरीर मज़बूती देता है.

दोपहर के वक्त दही में शहद मिलाकर खाना एक बेहतरीन प्रोबायोटिक है.

दही और शहद का मिश्रण शरीर के तापमान को स्थिर रखता है जो लू से सुरक्षित रखेगा.

शहद और घी को कभी भी बराबर मात्रा में न लें. यह शरीर के लिए विषैला हो सकता है.

गलत तरीके से सेवन अधिक गर्मी बन सकती है और वात-पित्त का संतुलन बिगड़ सकता है.

गर्मियों में शहद छोड़ें नहीं, बल्कि उसे दही या ठंडे पानी के साथ सही तरीके से अपनाएं.