शुरू हुआ शकरकंद का सीजन, जानें कितने गुणों का खजाना है?

अक्टूबर से बाज़ारों में मिलने वाली शकरकंद (स्वीट पोटैटो) सर्दियों के संक्रमण से बचाती है और शरीर को गर्म रख ऊर्जा प्रदान करती है.

आयुर्वेद के अनुसार, शकरकंद वात और कफ दोष को संतुलित करता है. इसे सात्विक भोजन माना गया है, इसलिए इसे व्रत में खाया जाता है.

यह बीटा कैरोटीन, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, विटामिन सी और आयरन से भरपूर होता है, जो इसे एक सुपरफूड बनाते हैं.

शकरकंद स्वाद में मीठी होती है, लेकिन सीमित मात्रा में शुगर के मरीज भी इसका सेवन कर सकते हैं, क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर है.

अगर आपको कब्ज बनने और पेट साफ होने में परेशानी होती है, तो शकरकंद ज़रूर खाएं. यह आंतों को साफ कर पाचन शक्ति को दुरुस्त करता है.

शकरकंद यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) से बचाने में सहायक है. पेशाब में जलन या रुकावट होने पर इसका सूप बनाकर लिया जा सकता है.

इसमें भरपूर बीटा कैरोटीन होता है, जो त्वचा के काले धब्बों को हल्का करता है और बालों की चमक को बढ़ाता है.

सेवन के अलावा, कच्ची शकरकंद को घिसकर उसका फेसपैक बनाकर लगाने से स्किन की समस्याओं में फायदा मिलता है.

शकरकंद में पोटेशियम भी होता है, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है.

शकरकंद को उबालकर या आंच पर भूनकर खाना सबसे अच्छा है. इसका नियमित सेवन सर्दियों में आपको संक्रमण और बीमारियों से दूर रखेगा.