नीतीश कुमार से राबड़ी देवी तक, बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों की कहानी
भारत की स्वतंत्रता के बाद से बिहार में अब तक कुल 23 नेताओं ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है
राज्य की राजनीति कई उतार–चढ़ावों और बदलावों से गुज़री है, जहाँ हर मुख्यमंत्री ने अपनी नीतियों और नेतृत्व शैली से बिहार की दिशा तय की है
बिहार की यह राजनीतिक यात्रा श्री कृष्ण सिंह से शुरू होती है और मौजूदा समय में यह यात्रा नीतीश कुमार तक पहुँचती है, जो राज्य के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बने हुए हैं
बिहार के पहले मुख्यमंत्री कृष्ण सिंह (1946–1961) हुए. बिहार के राजनीतिक इतिहास की नींव कृष्ण सिंह ने रखी
करीब 15 साल के लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए. सबसे प्रमुख उपलब्धि जमींदारी उन्मूलन कानून रहा, जिसने किसानों को बड़ी राहत दी और राज्य की सामाजिक–आर्थिक संरचना को बदलने में भूमिका निभाई
सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हुए. बिहार के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में नीतीश कुमार एक महत्वपूर्ण चेहरा हैं. विभिन्न चरणों को मिलाकर उन्होंने 18 वर्ष से अधिक बिहार का नेतृत्व किया है
शासन, विकास और कानून–व्यवस्था में सुधार के एजेंडे के साथ नीतीश बिहार की राजनीति में लंबे समय से एक निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं
बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बनी. बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव लाते हुए राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री पद संभाला
उनका कार्यकाल 1997 से 2005 तक चला. उन्होंने यह पद तीन बार संभाला, जो राज्य की राजनीति में एक अद्वितीय अध्याय जोड़ता है