दवा नहीं, डाइट करेगी असर: थायराइड मरीज कैसे बनाएं अपना फूड चार्ट?

खराब लाइफस्टाइल के कारण गोलियों का असर थायराइड की समस्या पर नहीं होता.

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आहार में बदलाव लाना बहुत जरूरी है. जिससे आराम होगा.

डाइट में लौकी, तोरी, परवल, कद्दू, गाजर और बीन्स को शामिल करें.

साथ ही हरे पत्तेदार सब्जियां खाएं. ये हल्की होती हैं और आसानी से पच (Digest) जाती हैं.

थायराइड के मरीजों के लिए अनार, पपीता, सेब, नाशपाती और अमरूद जैसे फल बहुत लाभकारी हैं.

अपनी डाइट में देसी घी, नारियल तेल और सरसों का तेल शामिल करें.

भारी दालों की जगह हल्की दालें खाएं. मूंग की दाल, मसूर और कुल्थी की दाल सही रहेगी.

किसी भी तरह की गोभी और सोयाबीन भूलकर भी न खाएं. इससे थायराइड ग्रंथि को प्रभावित होती है.

फलों में केला, आम, चीकू और अंगूर से सख्त परहेज करने की सलाह दी जाती है.

रिफाइंड ऑयल, मूंगफली का तेल और बार-बार गर्म किया हुआ तेल जहर समान है.

इसके अलावा भारी अनाज जैसे राजमा, छोले और सोया चंक्स खाने की मनाही है.

अगर आप नियमित दवा के साथ डाइट नियमों का पालन करते हैं तो हेल्थ कंट्रोल में रहेगी.