सिर्फ नमक से नहीं ठीक होगा थायराइड! जानें 3 अचूक उपाय
दशकों से हमें सिखाया गया है कि थायराइड से बचने के लिए 'आयोडीन युक्त नमक' ही एकमात्र उपाय है.
आज तेजी से बढ़ रहा है. इसका कारण यह है कि हम आयोडीन तो ले रहे हैं, लेकिन दो अन्य जरूरी तत्व भूल रहे हैं.
विज्ञान और आयुर्वेद दोनों मानते हैं कि थायराइड ग्रंथि के लिए आयोडीन के साथ-साथ सेलेनियम और जिंक भी अनिवार्य हैं.
आयुर्वेद थायराइड को कफ और मेद धातु का रोग मानता है. यह शरीर की 'अग्नि' (मेटाबॉलिज्म) का मंद होना है.
थायराइड ग्रंथि T4 हार्मोन बनाती है. सेलेनियम इस T4 को सक्रिय T3 में बदलता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है.
जिंक शरीर के रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है, ताकि आपकी कोशिकाएं थायराइड हार्मोन को पहचान कर ग्रहण कर सकें.
अगर आयोडीन है पर सेलेनियम नहीं, तो हार्मोन बनेगा तो सही पर काम नहीं करेगा. इससे सूजन और वजन बढ़ने लगता है.
कद्दू के बीज थायराइड मरीजों के लिए वरदान हैं. इसमें जिंक और सेलेनियम दोनों भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.
आयुर्वेद में मेथी का पानी और हरे धनिये का सेवन बताया गया है. ये गले में जमा विषाक्त पदार्थों हटाता है.
तो अगली बार सिर्फ नमक पर भरोसा न करें. अपनी डाइट में जिंक और सेलेनियम युक्त चीजें शामिल करें.