टमाटर की खेती से दोगुनी कमाई, अपनाएं यह खास तकनीक
'बेड और शेड नेट' आधुनिक तरीके से टमाटर उगाना अब मुनाफे का सौदा बन गया है.
सामान्य टमाटर जहां 3-4 महीने में खत्म हो जाते हैं, वहीं इंडिटर्मिनेट किस्म 7 से 8 महीने उत्पादन देती है.
ये पौधे झाड़ीनुमा नहीं बल्कि बेल की तरह बढ़ते हैं. इनकी ऊंचाई 6 से 12 फीट या उससे भी ज्यादा हो सकती है.
इस किस्म की खासियत यह है कि इसके हर नोड (गांठ) पर फल लगते हैं. इससे उत्पादन बढ़ जाता है.
सही देखरेख मिलने पर एक ही पौधे से आप 10-12 किलो तक उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर प्राप्त कर सकते हैं.
चूंकि ये पौधे ऊंचे बढ़ते हैं, इन्हें बांस, तार या ट्रेलिस के सहारे की जरूरत होती है.
समय-समय पर पौधों की छंटाई करना जरूरी है. इससे पौधे की ऊर्जा फल बनाने में लगती है.
इंडिटर्मिनेट टमाटर की रोपाई के लिए जुलाई-अगस्त उपयुक्त माना जाता है. फसल 70-80 दिनों में तैयार हो जाती है.
सीडलिंग की लागत मात्र ₹3 प्रति पौधा आती है. लेकिन लंबी अवधि तक फल देने के कारण मुनाफा तगड़ा है.
इस तकनीक से उगाए गए टमाटर साफ और चमकदार होते हैं. बाजार में इन्हें सामान्य टमाटर से ज्यादा भाव मिलता है.
शेड नेट और बेड तकनीक फसल को मौसम की मार से बचाती है. यह व्यावसायिक खेती के लिए बेहतर है.
शुरुआती और आखिरी सीजन, दोनों समय अच्छी कीमत मिलने से किसानों की आमदनी दोगुनी हो सकती है.