उपराष्ट्रपति और CJI में से किसे मिलती है ज्यादा सैलरी? जानें सुविधाओं की लिस्ट

भारत में कुछ संवैधानिक पद ऐसे हैं, जो न सिर्फ सम्मान से जुड़े हैं, बल्कि शानदार सैलरी और सुविधाओं से भी भरे हैं.

उपराष्ट्रपति भारत का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है. वह राज्यसभा के सभापति भी होते हैं.

राज्यसभा के सभापति होने के नाते उपराष्ट्रपति को हर महीने 4,00,000 की सैलरी मिलती है.

सैलरी के अलावा उन्हें आवास, मुफ्त मेडिकल सुविधा, यात्रा भत्ता, फोन और इंटरनेट की सुविधा मिलती है.

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख यानी CJI का पद न्यायपालिका में सबसे ऊंचा होता है.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को हर महीने 2,80,000 की सैलरी दी जाती है.

CJI को आधिकारिक आवास, गाड़ी, सुरक्षा और स्टाफ जैसी कई सरकारी सुविधाएं मिलती हैं.

उपराष्ट्रपति को CJI से ज्यादा सैलरी मिलती है. उपराष्ट्रपति की सैलरी 4 लाख है, जबकि CJI की सैलरी 2.8 लाख है.

दोनों की सैलरी में 1,20,000 का अंतर है. उपराष्ट्रपति को हर महीने 1.2 लाख ज्यादा मिलते हैं.

उपराष्ट्रपति राज्यसभा का संचालन करते हैं, वहीं CJI का काम देश के न्यायिक ढांचे को दिशा देना है.

सैलरी जो भी हो लेकिन दोनों ही पद अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण और सम्मानित हैं.