क्या आप भी घर में रखना चाहते हैं शिवलिंग? जान लें किस आकार के शिव जी हैं घर के लिए शुभ
सावन का महीना शिवभक्ति का सबसे पावन समय माना जाता है. इस दौरान शिवजी की पूजा से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं.
अगर मंदिर नहीं जा सकते तो घर पर भी शिवलिंग की पूजा की जा सकती है. बस ध्यान रहे शिवलिंग अंगूठे के आकार से बड़ा न हो.
शास्त्रों के अनुसार घर में अंगूठे के बराबर का शिवलिंग ही पूजनीय होता है. इससे बड़ी शिवलिंग की पूजा केवल मंदिरों में होनी चाहिए.
अगर संभव हो तो नर्मदा नदी के पत्थर से बने शिवलिंग का पूजन करें. यह सबसे पवित्र माना गया है क्योंकि शिव ने स्वयं इसे वास योग्य बताया है.
नर्मदेश्वर शिवलिंग न मिले तो स्वर्ण, रजत या पीतल से बने शिवलिंग भी शुभ होते हैं. हर धातु का अलग फल होता है.
स्वर्ण शिवलिंग धन की प्राप्ति के लिए, रजत शिवलिंग ऐश्वर्य के लिए और पीतल का शिवलिंग सामान्य पूजा के लिए उत्तम है.
पारद शिवलिंग बहुत शक्तिशाली माना गया है. यह शास्त्रसम्मत और अत्यंत फलदायी होता है.
स्फटिक शिवलिंग का पूजन विशेष रूप से छात्रों और विद्या की इच्छा रखने वालों के लिए लाभकारी है.
सावन में अंगूठे के बराबर शिवलिंग की श्रद्धा से पूजा करें, मनोकामनाएं पूरी होंगी और शिव कृपा हमेशा बनी रहेगी.