क्लाउड सीडिंग से होती है कृत्रिम बारिश! जानिए कैसे

क्लाउड सीडिंग एक वैज्ञानिक तकनीक है, जिससे कृत्रिम रूप से बारिश कराई जाती है.

इस तकनीक में बादलों में कुछ रासायनिक पदार्थ, जैसे सिल्वर आयोडाइड या सोडियम क्लोराइड डाले जाते हैं.

यह रसायन बादलों में जाकर नमी को संघनित करते हैं, जिससे बारिश होती है.

क्लाउड सीडिंग ज्यादातर हवाई जहाज या रॉकेट के जरिए की जाती है.

इसका इस्तेमाल सूखा प्रभावित इलाकों में पानी की कमी को दूर करने के लिए किया जाता है.

चीन, अमेरिका, यूएई और भारत जैसे कई देश इस तकनीक का इस्तेमाल कर चुके हैं.

भारत में भी मानसून में देरी या कमजोर बारिश के समय क्लाउड सीडिंग की जाती है.

हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर बार यह तकनीक 100% सफल हो.

क्लाउड सीडिंग से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद हैं.

फिर भी, जल संकट से निपटने के लिए यह तकनीक उम्मीद की एक किरण मानी जाती है.