अमेरिका भारत में बेचना चाहता है "नॉन वेज मिल्क" – जानिए क्या है ये.
यह एक ऐसा दूध है जो जानवरों से नहीं, बल्कि जानवरों की कोशिकाओं से लैब में बनाया जाता है.
जानवरों की कोशिकाएं लेकर उन्हें लैब में विकसित किया जाता है, जिससे दूध के जैसे प्रोटीन तैयार होते हैं.
अमेरिकी कंपनियां भारत जैसे देशों में इस तरह के दूध को बेचने की तैयारी में हैं.
क्योंकि इसे बनाने के लिए जानवरों की कोशिकाओं का इस्तेमाल होता है, इसलिए इसे 'नॉन वेज' माना जा रहा हैं .
अभी कई देशों में इस पर रिसर्च जारी है। कुछ जगहों पर इसे मंजूरी भी मिल चुकी है.
भारत में इसे लेकर चिंता है – क्या ये धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है.
हिंदू संगठनों का कहना है कि इससे लाखों शाकाहारी लोगों की आस्था प्रभावित हो सकती है.
यह मिल्क पाउडर, प्रोटीन सप्लीमेंट या ड्रिंक के रूप में बाजार में आ सकता है.
भारत की FSSAI को तय करना होगा कि इसे वेज माना जाए या नॉन वेज.
कुछ वैज्ञानिक इसे पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प मानते हैं, लेकिन संस्कृति और आस्था को लेकर सवाल जारी है.