क्या है मेक्सिको की डरावनी डॉल्स की कहानी? जानें

दुनिया में कई जगहें अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं, तो कुछ अपने रहस्यों और डरावने किस्सों की वजह से.

मेक्सिको सिटी के जोचिमिल्को इलाके में स्थित ला इस्ला डे लास मुनेकास, जिसे लोग गुड़ियों का द्वीप कहते हैं उन्हीं जगहों में से एक है.

इस द्वीप पर पेड़ों और झाड़ियों से लटकी हुई पुरानी, टूटी-फूटी और खौफनाक शक्लों वाली सैकड़ों गुड़ियां देखने को मिलती हैं.

कहा जाता है कि डॉन जूलियन सैंटाना बैरेरा नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों को छोड़कर इस द्वीप पर रहने चला आया था.

कुछ लोग मानते हैं कि उसे किसी आत्मा का आह्वान यहां लाया था. द्वीप पर आने के बाद उसने नहर में एक बच्ची का शव देखा जो डूबकर मर गई थी.

उस बच्ची के पास एक गुड़िया भी बहकर आई थी. जूलियन ने उस गुड़िया को उठाया और सम्मान के प्रतीक के रूप में एक पेड़ पर टांग दिया था.

जूलियन आसपास से टूटी-फूटी गुड़ियां लाता और उन्हें पेड़ों पर लटका देता. बच्ची की आत्मा को शांत और सुकून देने के लिए जूलियन ने गुड़ियों को लटकाना जारी रखा.

डूबकर मरी हुई बच्ची का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड कभी नहीं मिला जिस वजह से कुछ लोग मानते हैं कि यह पूरी कहानी शायद जूलियन की कल्पना थी या वह मानसिक रूप से परेशान था.

2001 में जूलियन के मौत के बाद यह जगह और भी रहस्यमयी बन गई और लोग इसे देखने दूर-दूर से आने लगे.