नवरात्रि की पूजा के दौरान आ जाए पीरियड्स तो क्या करें, पूजा करनी चाहिए या नहीं? 

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि आज यानी 22 सितंबर से शुरु हो चुका है.  नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद पवित्र माने जाते हैं.

इस दौरान भक्त उपवास रखते हैं और विशेष पूजा-पाठ करते हैं. खासतौर पर महिलाएं इस व्रत को बड़े उत्साह से करती हैं.

लेकिन कई बार ऐसा होता है कि नवरात्रि के बीच में ही महिलाओं को पीरियड्स आ जाता है. ऐसे में उनके मन में यह दुविधा रहती है कि पूजा और व्रत को कैसे निभाया जाए.

तो आपको बता दें कि शास्त्रों में इस स्थिति से जुड़े कुछ खास नियम बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर महिलाएं अपनी भक्ति पूरी निष्ठा से कर सकती हैं. तो चलिए जानते हैं इन नियमों के बारे में…

महिलाओं के पीरियड्स का चक्र 22 से 28 दिनों के बीच होता है. इसलिए, यदि आपको पहले से ही पता है कि पीरियड्स नवरात्रि के दौरान पड़ सकते हैं, तो बेहतर होगा कि आप व्रत रखने से बचें.

लेकिन यदि आप व्रत करना चाहती हैं, तो आप केवल पहला और आखिरी दिन का उपवास रख सकती हैं. इस दौरान पूजा सामग्री, कलश आदि को छूने से बचें और दूर से ही मां दुर्गा के दर्शन करें.

यदि पीरियड्स के दौरान पूजा करने की मनाही हो, तो भी आप मानसिक रूप से मां दुर्गा का स्मरण कर सकती हैं. दुर्गा सप्तशती का पाठ मन ही मन करें या इसे सुनें.

इसके अलावा, एकांत में बैठकर ध्यान करें और मां दुर्गा का नाम जप करें. ये विधि आपको आध्यात्मिक रूप से शक्ति प्रदान करेगी और आपको पूजा का पूरा फल प्राप्त होगा.

अगर पीरियड्स नवरात्रि के बीच में आ जाएं, तो आप घर के किसी अन्य सदस्य से पूजा करवाने का विकल्प अपना सकती हैं. इससे आपका संकल्प भी बना रहेगा और पूजा के नियमों का पालन भी होगा. 

यदि आप शारीरिक रूप से पूजा करने में असमर्थ हैं, तो भी मानसिक रूप से मां का ध्यान करने से आपको पुण्य फल प्राप्त होगा और मां भगवती आपकी सभी इच्छाएं पूर्ण करेंगी.