क्या कहती हैं आपकी आंखें? रंग और सूजन से खुलेगा सेहत का राज
आंखें केवल देखने का साधन नहीं हैं. वे आपके शरीर की स्थिति का सबसे बड़ा संकेतक भी हैं.
यदि आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिख रहा है, तो यह 'पित्त दोष' और लिवर की गड़बड़ी या हाई बिलीरुबिन का संकेत हो सकता है.
पीली आंखों के साथ गर्मी और चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में आंवला, गिलोय और हल्दी के सेवन करना चाहिए.
आंखों के नीचे घेरे वात और पित्त दोनों के बढ़ने का संकेत हैं. यह तनाव, डिहाइड्रेशन या एनीमिया की वजह से भी हो सकते हैं.
आंखों के नीचे के घेरों को कम करने के लिए खजूर, शुद्ध घी और पानी में भीगी हुई किशमिश खाएं.
आंखें हमेशा फूली हुई दिखती हैं, तो यह 'कफ दोष' की वृद्धि है. यह किडनी पर भार या थायराइड विकार के लक्षण हैं.
पफी आंखों की समस्या में खीरा और धनिया के पानी का सेवन बहुत लाभकारी माना जाता है.
पलकों का पीलापन एनीमिया और विटामिन B12 की कमी को दर्शाता है. इसे नजरअंदाज न करें.
पीली पलकों की समस्या होने पर हरी पत्तेदार सब्जियां, अनार और खट्टे फलों का सेवन बढ़ा देना चाहिए.
आंखों से बार-बार पानी आना पित्त और वात के असंतुलन को दिखाता है. यह एलर्जी, इन्फेक्शन का संकेत है.
आंखों में लगातार लालिमा और सूजन शरीर में बढ़ते संक्रमण और 'वात' की वृद्धि को दर्शाती है.
आंखों के इन संकेतों को पहचानें और अपने आहार-विहार में सुधार करें.